नई दिल्ली । साल 2025 में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया था. इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया. इन घटनाओं के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बन गया. इसी बीच भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे से परमाणु ठिकानों की लिस्ट साझा की है।
दोनों देशों के बीच 35 बार लिस्ट का आदान-प्रदान
भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार (1 जनवरी) को अपने-अपने परमाणु ठिकानों और संस्थानों की सूची साझा की है. ये लिस्ट का आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच एटम ठिकानों और संस्थानों पर हमलों के निषेध से संबंधित समझौते के तहत किया गया है. विदेश मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके महत्वपूर्ण जानकारी दी है. दोनों देशों के बीच परमाणु ठिकानों की लिस्ट का आदान-प्रदान अब तक 35 बार किया जा चुका है. इसकी शुरुआत 1 जनवरी 1992 को हुई थी।
इस समझौते तहत लिस्ट होती है अदला-बदली
भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध का समझौता (Agreement on the Prohibition of Attack against Nuclear Installations and Facilities), 31 दिसंबर 1988 को हुआ था. ये एग्रीमेंट 27 जनवरी 1991 से लागू हुआ था. इस समझौते के तहत ये प्रावधान किए गए थे कि दोनों देश परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचाने, नष्ट करने और ऐसी किसी भी तरह की कार्रवाई करके उकसाने की कोशिश नहीं करेंगे. इस समझौते में परमाणु विद्युत संयंत्र, रिसर्च रिएक्टर, यूरेनियम संवर्धन सेंटर, फ्यूल निर्माण यूनिट्स और रेडियोएक्टिव सामग्री के स्टोरेज प्वॉइंट शामिल हैं।
