बुरहानपुर में लाडली बहनों की किस्त बंद, 8 महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहीं महिलाएं

बुरहानपुर: बुरहानपुर के नेपानगर तहसील क्षेत्र में कई लाडली बहनों की क़िस्त बंद होने का मामला सामने आया है. ये महिलाएं पिछले कई महीने से लाडली बहना योजना की किस्त नहीं मिलने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. उन्होंने नगर पालिका, महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ. महिलाओं ने अब जनसुनवाई में जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है.

जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं नेपानगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाएं

बता दें कि, मंगलवार को नेपानगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की 41 महिलाएं जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं. यहां उन्होंने जिला कलेक्टर हर्ष सिंह से दोबारा क़िस्त शुरू कराने की मांग रखी. इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से सुना. उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों से फीडबैक जुटाया और महिलाओं को जल्द से जल्द समस्या के निराकरण का भरोसा दिया है.

जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने बताया कि वे नेपानगर नगर पालिका, महिला बाल विकास और अन्य संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुकी हैं. कहीं पर भी उनकी परेशानी का हल नहीं मिला. हर जगह सिर्फ आश्वासन ही मिला. किसी ने तकनीकी समस्या बताई तो किसी ने जांच का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया.

बिना किसी सूचना के 8 माह पहले से आनी बंद हो गई किस्त

उन्हीं में से एक महिला मीठाबाई ने बताया कि उन्हें पहले नियमित रूप से लाडली बहना योजना का लाभ मिल रहा था. अचानक 8 माह से किस्त आनी बंद हो गई. उनका कहना है कि न तो उन्हें किसी प्रकार की सूचना दी गई और न ही यह बताया गया कि किस कारण से योजना का लाभ रोका गया है. इससे महिलाओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने दोबारा लाभ दिलाने की मांग की है.

महिलाओं ने कहा, अधिकारियों से शिकायत के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई

एक अन्य महिला कुसुम पटेल ने बताया कि हम मजदूर वर्ग की गरीब महिलाएं हैं. मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना पर ही निर्भर हैं. अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है. जल्द से जल्द जांच कर बकाया किस्तों का भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके. नेपानगर क्षेत्र के पूर्व पार्षद राजेश पटेल उर्फ लारा ने बताया कि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की है. लेकिन कई जगह पात्र महिलाओं को ही लाभ नहीं मिल रहा हैं.

इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा ने बताया "हमें 41 महिलाओं की सूची मिली है, जिनकी लाडली बहना योजना की किस्त रुकी हुई है. इसकी जांच कराई जा रही है, जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस वजह से उनको लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."