केजीएमयू का बड़ा फैसला, यौन शोषण के आरोपी डॉक्टर रमीज का दाखिला होगा रद्द

लखनऊ में केजीएमयू में शादी का झांसा देकर यौन शोषण, गर्भपात कराने के आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉ. रमीज उद्दीन नायक का दाखिला रद्द होगा, वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पाएगा। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन की तरफ से डीजीएमई को आज पत्र भेजा जाएगा। यह जानकारी केजीएमयू की कुलपति प्रो, सोनिया नित्यानंद ने दी है।हालांकि केजीएमयू में धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर को कथित रूप से बचाने वाले मददगारों की जानकारी सामने नहीं आ सकी है। जांच के दौरान दो प्रोफेसरों की भूमिका संदेह के घेरे में बताई जा रही थी, उस पर भी केजीएमयू प्रशासन की तरफ से अभी कुछ कहा नहीं गया है और न ही उन्हें क्लीनचिट दी गई। प्रवक्ता केके सिंह ने कहा है कि इस मामले में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।आरोप है कि पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज ने एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाया। शादी की बात सामने आने पर आरोपी ने महिला डॉक्टर पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता के विरोध करने पर उसे धमकाया गया, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर महिला डॉक्टर ने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ।

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विशाखा कमेटी ने कल सौंपी रिपोर्ट

घटना के बाद पीड़िता ने केजीएमयू प्रशासन, पुलिस, मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल और राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आने पर प्रशासन और जांच एजेंसियां सक्रिय हुईं। इसमें केजीएमयू में दो कमेटियां मामले की जांच कर रही थीं। यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच विशाखा कमेटी कर रही है, जबकि धर्मांतरण प्रकरण की जांच सात सदस्यीय कमेटी को सौंपी गई है, जिसमें एक सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं। विशाखा कमेटी की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सौंपी गई है।