आगरा|यूपी के मेरठ के कपसाड़ गांव में एक दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। शनिवार को दिन भर इस मामले को लेकर बवाल मचा रहा। कपसाड़ गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस बीच आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर को पीड़ित परिवारीजनों से मिलने के लिए मेरठ आते समय गाजीपुर बार्डर पर गाजियाबाद पुलिस ने रोक लिया। इसके बाद उन्होंने मेरठ की ओर हाईवे पर दौड़ लगा दी। सड़क पर चंद्रशेखर आगे-आगे और पीछे-पीछे उनकी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी दौड़ते नजर आए।कुछ दूर आगे जाकर वह एक बाइक पर बैठकर मेरठ के लिए निकल गए। सांसद चंद्रशेखर को रोकने के लिए पुलिस दिल्ली से मेरठ तक सतर्क थी। गाजीपुर टोल प्लाजा, काशी टोल प्लाजा और सिवाय टोल प्लाजा पर भी पुलिस ने नाकेबंदी कर रखी थी। इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलने के लिए चंद्रशेखर निकले तो गाजियाबाद पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर उनके काफिले को रोक दिया। बताया जा रहा है की सांसद ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ दी और पैदल ही सड़क पर आगे बढ़ गए। देखते ही देखते सांसद चंद्रशेखर सड़क पर दौड़ने लगे। पीछे-पीछे उनके सुरक्षा कर्मी और पुलिस भी दौड़ी।कपसाड़ हत्याकांड: हंगामे और धरने के बाद टोल प्लाजा से वापस भेजे रामजीलाल सुमन थोड़ी दूर दौड़ने के बाद चंद्रशेखर एक बाइक पर बैठकर मेरठ की ओर निकल गए। गाजियाबाद में चंद्रशेखर आजाद को लेकर दोपहर से नोंकझोंक चल रही थी। कई जगह रोकने के बाद भी आसपा अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद दौड़कर फिर बाइक पर बैठकर काशी टोल प्लाजा पहुंच गए। आगे मेरठ जाने से रोकने के लिए भोजपुर में डीएमई पर पुलिस ने रास्ता रोक लिया। पुलिस भोजपुर में वाहनों की डिग्गी खुलवाकर भी जांच करती दिखी। पिकअप और अन्य गाड़ियों के पीछे लोडिंग वाली जगह को खोलकर भी जांच की गई।
पुलिस से नोकझोंक के बाद दिल्ली लौटे कांग्रेस नेता
वहीं,पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को शनिवार को पुलिस ने भारी विरोध के बीच काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया। लगभग दो घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे और पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक के बाद, कांग्रेस नेताओं ने अंततः दिल्ली वापस लौटने का निर्णय लिया।
प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, "प्रशासन का काम आरोपियों को गिरफ्तार करना होना चाहिए, लेकिन वे उन लोगों को रोक रहे हैं जो पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने जा रहे हैं।" उन्होंने सरकार की बुलडोजर नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई अपराध देखकर नहीं, बल्कि जाति और धर्म के आधार पर की जा रही है।कपसाड़ हत्याकांड: दिनभर हंगामा फिर देर शाम महिला का अंतिम संस्कार, बेटी की तलाश
संसद में उठेगा मामला
सांसद तनुज पुनिया ने पुलिस के व्यवहार पर गहरा रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ने से रोका। पुनिया ने चेतावनी देते हुए कहा, "पुलिस और प्रशासन का यह निंदनीय व्यवहार और मेरठ की इस घटना को मैं संसद में उठाऊंगा।"
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल ने इस मुद्दे को लेकर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी और इस घटना के विरोध में देशभर के गांव-गांव में आंदोलन चलाया जाएगा। नेताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
बैरंग लौटे नेता
काशी टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और भारी सुरक्षा बल के कारण कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली। काफी देर तक चली गहमागहमी के बाद नेता वहीं से दिल्ली के लिए वापस रवाना हो गए।
