नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है. अगर किसी भी तरह का दुस्साहस किया गया तो करारा जवाब दिया जाएगा. साथ ही उन्होंने आगे कहा कि 10 मई से वेस्टर्न फ्रंट और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है।
‘पाकिस्तान के अंदर जमीनी हमले के लिए तैयार थे’
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, ‘तीनों सेनाओं ने बेहतरीन तालमेल के साथ सीमा पार आतंकवाद पर हमला किया था. ये आतंकवाद को भारत का सोचा-समझा और मजबूत जवाब था. इसमें तैयारी, सटीकता दिखाई दी थी. उस वक्त सेना के सभी सैनिक इकट्ठा थे और पाकिस्तान के अंदर जमीनी हमलों के लिए तैयार थे।’
‘बॉर्डर के पास 8 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय’
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि बॉर्डर के पास अभी भी 8 आतंकी कैंप एक्टिव हैं. अगर कोई भी हरकत होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. जनरल द्विवेदी ने कहा, ’10 मई सेवेस्टर्न फ्रंट और जम्मू-कश्मीर में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन पूरी तरह से कंट्रोल में है. 2025 में, 31 आतंकवादियों को खत्म किया गया, जिनमें से 65% पाकिस्तान के थे, जिसमें ऑपरेशन महादेव में मारे गए पहलगाम हमले के 3 हमलावर भी शामिल थे. अब सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या सिंगल डिजिट में है. जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक बदलाव के साफ संकेत हैं, जिनमें मजबूत विकास गतिविधियां, पर्यटन का फिर से शुरू होनाऔर शांतिपूर्ण श्री अमरनाथ यात्रा शामिल है, जिसमें 4 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री आए. टेररिज्म टू टूरिज्म की थीम धीरे-धीरे आकार ले रही है।’
‘LAC पर स्थिति कंट्रोल में है’
जनरल द्विवेदी बॉर्डर को लेकर चीन से चल रहे सीमा विवाद पर भी चर्चा की. उन्होंने कहा, ‘अगर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की बात करें तो हम धीरे-धीरे अपना ट्रस्ट फैक्टर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 21 अक्टूबर को दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था. इसके पहले कजान में दोनों बड़े नेता मिले थे. इस दौरान हमारे एसआर लेवल की मीटिंग हो चुकी है. हमारे रक्षा मंत्री उनके रक्षा मंत्री मिले चुके हैं. दोनों देशों के विदेश मंत्री मिल चुके हैं. हमारे बीच कई लेवल की बात हो चुकी है. हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द मुद्दों का समाधान किया जाए।’
