भाजपा मुख्यालय में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और बीजेपी नेताओं की मुलाकात पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा- भाजपा और चीन में कौन सा गुप्त समझौता

नई दिल्ली। कांग्रेस ने मंगलवार को चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के डेलिगेशन की भाजपा नेताओं से मुलाकाता और चीन के जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी इलाके को अपना बताने पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सीपीसी-भाजपा बैठक की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा- बीजेपी दफ्तर में बीजेपी नेता और सीपीसी नेताओं के बीच मीटिंग हो रही है। भाजपा-चीन में कौन सा गुप्त समझौता हुआ? यह रिश्ता क्या कहलाता है? भाजपा ने देशद्रोह क्यों किया? इसके अलावा कांग्रेस के एक्सअकाउंट पर चीन के विदेश मंत्रालय का वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें मंत्रालय प्रवक्ता माओ निंग कहती हैं कि शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं।
कांग्रेस ने पूछा है कि मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है। अब चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है। मोदी जी लाल आंख का क्या हुआ? दरअसल, सोमवार को दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर में बीजेपी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के डेलिगेशन की बैठक हुई। सीपीसी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हेयान ने किया। सुन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट में वाइस मिनिस्टर हैं। बीजेपी डेलीगेशन का लीडरशिप पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने की। बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाला ने भी ङ्ग पोस्ट में लिखा था कि दोनों पार्टियों के बीच इंटर-पार्टी कम्युनिकेशन को बढ़ाने पर चर्चा की गई।
संघ के दफ्तर पहुंचा चीनी दल
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चीनी दल ने आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय दत्तात्रेय होसबाले से उनके दफ्तर में भेंट की।  सूत्रों ने बताया कि चीनी प्रतिनिधिमंडल सुबह करीब 11 बजे संघ के कार्यालय पहुंचा। वहां दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। खास बात यह है कि इस बैठक का अनुरोध खुद चीनी पक्ष की ओर से किया गया था। यह घटनाक्रम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के सोमवार को यहां भाजपा मुख्यालय का दौरा करने के एक दिन बाद हुआ है। इस दल का नेतृत्व उसके अंतर्राष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान ने किया था।