भोपाल। जहांगीराबाद पुलिस द्वारा दर्ज महिला डी.एस.पी. के खिलाफ 2 लाख रूपये चोरी के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी। इस प्रकरण में जमानत का आधार गुमराह करके शिकायतकर्ता महिला द्वारा लिये गये सवा 3 लाख रूपये का लेन-देन है। अग्रिम जमानत हाईकोर्ट जबलपुर के जज श्री द्वारकाधीश बंसल द्वारा दी गई।
गौरतलब है कि, पिछले वर्ष के अंत में जहांगीराबाद पुलिस ने पी.एच.क्यू. में पदस्थ महिला डी.एस.पी. कल्पना रघुवंशी के खिलाफ लक्ष्मीगंज मण्डी निवासी प्रमिला तिवारी उर्फ प्रवीण की शिकायत पर चोरी का प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में आरोप है कि, महिला डी.एस.पी. ने उसके घर से 2 लाख रूपये एवं 1 मोबाइल फोन चुराया है। इस घटना के सीसी टीवी फुटेज में महिला डी.एस.पी. कल्पना रघुवंशी शिकायतकर्ता महिला के घर से निकलते हुए नजर आ रही है। पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण के बाद डी.एस.पी. ने हाईकोर्ट की शरण ली। उच्च न्यायालय में डी.एस.पी. की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त एवं अधिवक्ता पंकज कुमार दुबे ने की। उन्होंने अपने पक्षकार का पक्ष लेते हुए वो सारे प्रमाण रखे जिससे साबित होता है कि, शिकायतकर्ता से आरोपी डी.एस.पी. को करीब सवा 3 लाख रूपये लेना है। यह रकम शिकायतकर्ता महिला ने डी.एस.पी. से चेक और आॅन लाईन ट्रांजेक्शन के माध्यम से ली है। इस आशय की शिकायत डी.एस.पी. की मां ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से भी की थी जिसमें बताया गया कि, शिकायतकर्ता महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना का फ्लेट दिलाने के नाम पर 2 लाख 80 हजार रूपये का चेक लिया हैं किन्तु यह राशि फ्लेट लेने की मद में जमा करने के बजाए बीमा कंपनी से पाॅलिसी दिला दी। यह बात महिला डी.एस.पी. को मोबाइल पर बीमा कंपनी द्वारा भेजे गये एस.एम.एस. से पता चली तो उनके होश उड़ गये। इसके अलावा 20हजार रूपये आॅन लाईन भी शिकायतकर्ता ने लिये है। इस बात को लेकर आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच में काफी समय से तनाव चल रहा था। इस तरह के तमाम सबूत हाईकोर्ट के संज्ञान में लाने के बाद उच्च न्यायालय ने आज शुक्रवार को महिला डी.एस.पी. को अग्रिम जमानत का लाभ देने का आदेश पारित किया है।
चोरी के आरोप में फंसी महिला डी.एस.पी. को हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत जमानत का आधार बना शिकायतकर्ता महिला से 3 लाख रूपये लेना
