मुंबई। टीवी इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता अर्जुन बिजलानी के परिवार पर नया साल शुरू होते ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अर्जुन के ससुर और उनकी पत्नी नेहा स्वामी के पिता राकेश चंद्र स्वामी का अचानक निधन हो गया। 73 वर्षीय राकेश चंद्र स्वामी पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे थे, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। अर्जुन के ससुर का अंतिम संस्कार ओशिवाला श्मशान घाट में किया गया।
दुबई से वापस लौटे अर्जुन बिजलानी
बताया जा रहा है कि अर्जुन बिजलानी और नेहा स्वामी नए साल की छुट्टियां मनाने दुबई गए हुए थे। इसी दौरान राकेश चंद्र स्वामी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद वह जिंदगी की जंग नहीं जीत सके और गुरुवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
बेटे को संभालते नजर आए अर्जुन
सोशल मीडिया पर कई वीडियोज अब सामने आ रहे हैं जिनमें अर्जुन अपनी पत्नी और बेटे को संभालते हुए नजर आ रहे हैं। परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, राकेश चंद्र स्वामी रोजमर्रा की तरह सामान्य दिन बिता रहे थे और रात के खाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें स्ट्रोक आया। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से परिवार के लोग अभी भी उबर नहीं पाए हैं।
अर्जुन के ससुर का हुआ अंतिम संस्कार
अर्जुन बिजलानी के ससुर का अंतिम संस्कार मुंबई में हुआ। इस दौरान अर्जुन अपने बेटे के साथ काफी भावुक नजर आए। मुश्किल की इस घड़ी में उन्हें हिम्मत देने इंडस्ट्री के कई सितारे पहुंचे। निया शर्मा भी दोस्त अर्जुन बिजलानी के दुख में शामिल हुईं।
ससुर के साथ अर्जुन का खास बॉन्ड
अर्जुन बिजलानी का अपने ससुर के साथ रिश्ता बेहद खास था। बताया जाता है कि अर्जुन के पिता का निधन बहुत पहले हो गया था, ऐसे में राकेश चंद्र स्वामी उनके लिए सिर्फ ससुर नहीं, बल्कि पिता समान थे। परिवार के लोगों का कहना है कि अर्जुन उन्हें बेहद सम्मान और अपनापन देते थे। वहीं नेहा के लिए तो वह एक आदर्श पिता थे, जिनसे वह बेहद जुड़ी हुई थीं। कुछ समय पहले फादर्स डे के मौके पर नेहा स्वामी ने अपने पिता के लिए एक भावुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने उनके संस्कारों, परिवार के प्रति समर्पण और मजबूत व्यक्तित्व की तारीफ की थी। नेहा अक्सर अपने पिता को परिवार की नींव और अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी प्रेरणा बताती थीं। आज वही शब्द उनके लिए एक भावुक याद बनकर रह गए हैं।
