नए साल की शुरुआत में ही बांधवगढ़ से बुरी खबर, मादा टाइगर की संदिग्ध मौत

उमरिया : बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए साल की शुरुआत में ही एक टाइगर की संदिग्ध मौत हो गई है. वन विभाग के मुताबिक यहां एक मादा शावक का शव मिला है, जिसके बाद से सभी टीमें अलर्ट पर हैं. मादा बाघ शावक की मौत कैसे हुई है, क्या वजह रही है, ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन साल की शुरुआत में ही इस खबर से वन्य प्राणी प्रेमियों और खासतौर पर टाइगर लवर्स को खासा दुख पहुंचा है.

गश्ती दल को मिला टाइगर का शव

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र ताला के बीट कथली आरएफ 331 में बुधवार को टीम गश्ती कर रही थी, उसी दौरान एक मादा बाघ शावक का शव मिला. सूचना मिलते ही विभागीय अमला तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच गया और मानक संचालन प्रक्रिया SOP के तहत आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है. घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया और वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो व राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण NTCA के निर्देशानुसार कार्यवाही की गई. मृत बाघ का पंचनामा तैयार करके स्थल का भी संरक्षण किया गया है.

कैसे हुई शावक की मौत?

वाइल्ड लाइफ लवर्स के मन में यही सवाल है कि आखिर मादा बाघ शावक की मौत कैसे हुई? इसे लेकर बताया जा रहा है कि संभावित मृत्यु का कारण किसी अन्य वन्य प्राणी के साथ संघर्ष लग रहा है, मृत बाघ शावक की उम्र लगभग 7 से 8 महीने की बताई जा रही है. वहीं, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, '' डॉग स्क्वाड ने शव और घटनास्थल की जांच की है, कोई भी संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई है. मेटल डिटेक्टर से भी शव की जांच की गई है, सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में पोस्टमॉर्टम भी किया गया है, सैंपल कलेक्शन भी किया गया है, जिसे टेस्ट के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है.

बाघ को किया गया दाह संस्कार

पोस्टमॉर्टम में शव से नमूने लेने के बाद प्रोटोकॉल के तहत बाघ के शव का दाह संस्कार भी कर दिया गया है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक के मुताबिक जल्द ही बाघ की पोस्टमॉर्ट रिपोर्ट सामने आ जाएगी, जिससे मौत की सही वजह का पता चल सकेगा.

हाल ही एंक्लोजर से फरार हुआ है एक शावक

हाल ही में उमरिया के वन परिक्षेत्र से रेस्क्यू कर लाए गए दो शावकों में से एक के फरार होने का भी मामला सामने आया है. वन परिक्षेत्र ताला में स्थित एंक्लोजर में पालन पोषण के लिए शावकों को रखा गया था, जिसमें से एक शावक 5 जनवरी शाम 6.30 बजे एंक्लोजर से बाहर निकल गया. शावक ट्रांसपोर्टेशन के लिए रखे गए एक केज से भाग निकला था. उस शावक की भी वन विभाग की टीमें खोज कर रही हैं.