CG News: खैरागढ़ में राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई. जहां कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुशासन और अवसरवाद की लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है. जहां अरुण भरतद्वाज को पार्टी से निष्काषित करने की तैयारी थी उसे शहर कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया गया है.
अरुण भरतद्वाज को पार्टी से निकालने की थी तैयारी
दरअसल, कुछ महीने पहले खैरागढ़ कांग्रेस ने बकायदा लिखित प्रस्ताव पारित कर अरुण भरतद्वाज सहित पूर्व पार्षद मनराखन देवांगन, पार्षद दीपक देवांगन को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश की थी. इन पर आरोप थे की इन्होंने जिला के अनुशासनहीनता, संगठन विरोधी गतिविधियां और सार्वजनिक मंचों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
उसे मिली शहर कांग्रेस अध्यक्ष की कमान
लेकिन अब वही अरुण भरतद्वाज शहर कांग्रेस अध्यक्ष बना दिए गए हैं. यानी जिसे बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी थी, उसी को संगठन की कमान सौंप दी गई.
इस फैसले के बाद खैरागढ़ की सियासत में भूकंप आ गया है. कार्यकर्ताओं के बीच सवाल गूंज रहा है क्या कांग्रेस में अनुशासन अब प्रस्तावों तक सीमित रह गया है. क्या संगठन में जवाबदेही की जगह जोड़ तोड़ ने ले ली है. पत्र, प्रस्ताव और दस्तावेज मौजूद फिर भी फैसला उल्टा. यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष की आग तेज हो गई है. खैरागढ़ में अब चर्चा साफ है यह नियुक्ति नहीं, संगठन की सबसे बड़ी परीक्षा है.
