भिलाई में चाइनीज मांझे का कहर: मकर संक्रांति पर श्रमिक गंभीर घायल

भिलाई : में मकर संक्रांति का त्योहार एक बार फिर Bhilai Chinese Manjha Accident की वजह से मातम में बदल गया। पतंगबाजी के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे धारदार चाइनीज मांझे ने एक ठेका श्रमिक की जान लगभग खतरे में डाल दी। यह घटना उस समय हुई जब श्रमिक ड्यूटी खत्म कर साइकिल से घर लौट रहा था।

साइकिल सवार के गले में फंसा चाइनीज मांझा

घायल की पहचान असलम (42 वर्ष), निवासी चांदनी चौक, कोहका के रूप में हुई है। असलम भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में ठेका श्रमिक के तौर पर कार्यरत है। मकर संक्रांति के दिन काम खत्म करने के बाद वह साइकिल से घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ युवक चाइनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे थे। हवा में उड़ता तेज धार वाला मांझा अचानक असलम के गले में उलझ गया।

कुछ ही सेकंड में हुआ गंभीर हादसा

मांझा गले में फंसते ही असलम संतुलन खो बैठा और साइकिल से गिर पड़ा। धारदार मांझे की वजह से उसके गले में गहरा घाव हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चोट इतनी गंभीर थी कि कुछ ही सेकंड में खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर बताई है।

प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम बिक्री पर सवाल

घटना के बाद Bhilai Chinese Manjha Accident को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे की खुलेआम बिक्री और उपयोग जारी है। यह दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और राहगीरों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हर साल मकर संक्रांति के आसपास ऐसी घटनाएं सामने आना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर अब ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया है।