रायपुर : धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू पारदर्शी एवं डिजिटल व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय में सुविधा मिल रही है। शासन द्वारा की गई व्यवस्था से अब धान विक्रय प्रक्रिया सरल, सुगम और आसान हो गई है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घंघरी के किसान लाल सांडिल ने बताया कि उनके दादा झेमल राम सांडिल के नाम से इस वर्ष कुल 19.60 क्विंटल धान का रकबा दर्ज है। उन्होंने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत हुई और उपार्जन केन्द्र में भीड़ की समस्या भी नहीं रही।
सांडिल ने बताया कि नमना कलां धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट के पास, नमी परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। इससे धान विक्रय में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि समिति केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था की गई है तथा समिति कर्मचारियों द्वारा हर स्तर पर सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।
किसान सांडिल ने कहा कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से गेहूं, तिलहन एवं सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं, जिससे आमदनी बढ़ी हुई और आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उपज का सही दाम मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो रही है। उन्होंने किसानों के हित में किए गए कार्यों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान में धान खरीदी व्यवस्था से किसान बेहद संतुष्ट और खुश हैं।
