WPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारतीय बनीं हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना कितनी दूर?

हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली मुंबई इंडियंस को WPL 2026 के पहले रोमांचक मैच में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि MI की कप्तान इस दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने में कामयाब रही। आरसीबी के खिलाफ नवी मुंबई में हुए इस मैच में हरमनप्रीत कौर के बल्ले से 20 रन निकले। इन 20 रनों के साथ वह वुमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बैटर बन गई हैं। जी हां, उन्होंने इस लिस्ट में शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा है। हरमनप्रीत कौर के नाम अब WPL में 871 रन हो गए हैं। वहीं शेफाली वर्मा 865 रनों के साथ दूसरे पायदान पर खिसक गई हैं।

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स्मृति मंधाना कितनी दूर?

WPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारतीय बैटर्स की इस सूची में स्मृति मंधाना हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा के बाद तीसरे पायदान पर हैं। मंधाना ने अभी तक इस रंगारंग लीग में 664 रन ही बनाए हैं। मुंबई के खिलाफ पहले मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह 18 रन बनाकर आउट हो गईं।

WPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वालीं टॉप-5 प्लेयर्स

वुमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस की ही नैट साइवर-ब्रंट के नाम है। नैट साइवर-ब्रंट WPL में एकमात्र ऐसी बैटर हैं, जिन्होंने 1000 रन का आंकड़ा पार किया है। उनके नाम WPL में 1031 रन दर्ज है। दूसरे नंबर पर ऐलिस पैरी 972 रनों के साथ और तीसरे नंबर पर मैग लेनिंग हैं, जिनके नाम 952 रन दर्ज है। हरमनप्रीत कौर ऑलओवर लिस्ट में चौथे और शेफाली वर्मा पांचवें नंबर पर हैं।नादिन डी क्लर्क ने फिर हरमनप्रीत को चौंकाया, फैंस को याद आया वर्ल्ड कप का 'जख्म'

बेहद रोमांचक था MI vs RCB पहला मैच

टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 154 रन बोर्ड पर लगाने में कामयाब रही। एक समय ऐसा था जब MI 67 के स्कोर पर 4 विकेट खो चुकी थी। तब निकोला कैरी ने 40 तो सजीवन सजना ने 45 रनों की पारी खेल मुंबई को इस स्कोर तक पहुंचाया। नादिन डी क्लर्क ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए।155 के टारगेट का पीछा करते हुए आरसीबी को ग्रेस हैरिस (12 बॉल 25 रन) और स्मृति मंधाना (18 रन) ने तूफानी शुरुआत दी, मगर दोनों में से कोई बड़ी पारी खेल नहीं पाई। ओपनर्स के आउट होने के बाद मिडिल ऑर्डर ने भी निराश किया। एक समय पर आरसीबी का स्कोर 3.4 ओवर में बिना किसी विकेट के 40 रन था, फिर अचानक 7.4 ओवर में 65 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन में थी।इसके बाद रन बनाने का जिम्मा नादिन डी क्लर्क ने उठाया और 44 गेंदों पर 63 रनों की धमाकेदार पारी खेल आरसीबी को आखिरी ओवर में जीत दिलाई। नादिन डी क्लर्क ने आखिरी ओवर में 18 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया।