वॉशिंगटन । वेनेजुएला की राजधानी काराकास को दहलाने के बाद अमेरिकी सेना उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उठकर अपने साथ ले गए है। अमेरिका की स्पेशल डेल्टा फोर्स ने कार्रवाई को इस तरह से अंजाम दिया कि वेनेजुएला में किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। एक ओर अमेरिकी डेल्टा फोर्स के फाइटर जेट्स ने वेनेजुएला के कई मिलिट्री बेस पर अचानक से हमला बोला और दूसरी तरफ सीक्रेट तरीके से मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया। ये वहीं डेल्टा फोर्स है, जिसने दुनिया के खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के सरगना अबु बक्र अल बगदादी को मौत के घाट उतारा था। डेल्टा फोर्स आज भी दुनिया की सबसे रहस्यमयी और खतरनाक स्पेशल यूनिट्स में मानी जाती है। इसकी अधिकांश जानकारी पब्लिक में भी नहीं आती। डेल्टा फोर्स अमेरिका की सशस्त्र सेनाओं की सबसे गोपनीय और हाईलेवल की स्पेशल मिशन यूनिट होती है। इस अलग-अलग समय पर कॉम्बैट एप्लिकेशंस ग्रुप (सीएजी), टास्क फोर्स ग्रीन, आर्मी कंपार्टमेंटेड एलिमेंट्स (एसीई) और सामान्य तौर पर सिर्फ ‘द यूनिट’ भी कहा गया है। इसकी असली पहचान और अस्तित्व को अमेरिकी सरकार ने कभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, जो भी जानकारी सार्वजनिक है, वह पूर्व सदस्यों के बयानों पर आधारित है।
डेल्टा फोर्स का असली फोकस एंटी टेररिस्ट ऑपरेशंसन हैं, जिसमें हाई-वैल्यू टारगेट्स को पकड़ना या समाप्त करना और आतंकी नेटवर्क को तोड़ना शामिल है। हालांकि, यह यूनिट केवल काउंटर-टेररिज्म तक सीमित नहीं है। इस छापेमारी, तोड़फोड़, बंधक मुक्ति, विशेष निगरानी और खुफिया अभियानों जैसे कई प्रकार के मिशनों में तैनात किया जाता है। यह यूनिट जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (जेएसओसी) के ऑपरेशनल कंट्रोल में काम करती है, जबकि इसका प्रशासन यूएस आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड संभालता है। इसका हेडक्वॉर्टर नॉर्थ कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग में है।
कैसे काम करती हैं स्पेशल डेल्टा फोर्स……..निकोलस मादुरो और पत्नी को अपने साथ ले गई
