भोपाल : मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री सरकार के बजट और योजनाओं से जुड़ा रिपोर्ट कार्ड जल्द ही पेश करने वाले हैं. इसे लेकर वित्त मंत्री व डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विभागों से जानकारी तलब की है. खासतौर पर यह जानकारी भी मांगी गई है कि किन-किन योजनाओं से प्रदेश में कितने हितग्राहियों को लाभ मिला है. मध्यप्रदेश सरकार ने किस योजना में कितना बजट से कितना खर्च किया है और उस राशि का कितना उपयोग किया जा सका, इसे लेकर भी डीटेल रिपोर्ट मांगी गई है.
मध्य प्रदेश के आगमी बजट की तैयारी
सरकार ने विभागों से नई योजनाओं के संबंध में भी जानकारी मांगी है और सभी विभागों को ये जानकारी 15 जनवरी तक भेजनी होगी. इसे मध्यप्रदेश के आगमी बजट की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है, क्योंकि विधानसभा में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा इन्हीं तथ्यों के आधार पर भाषण देते हैं. यही वजह है कि वित्त विभाग ने अब सभी विभागों से अलग-अलग बिंदुओं में जानकारी मांगी है. इसमें सरकार द्वारा चलाई जा रही मौजूदा योजनाओं में खर्च किए गए बजट, नई योजनाओं और 2047 के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी शामिल है.
लाडली लक्ष्मी जैसी योजना से क्या लाभ हुआ?
सभी विभागों को बताना होगा कि पूर्व के वित्तीय वर्ष की तुलना में वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए कुल बजट में कितना बजट खर्च किया गया. विभाग में कौन-कौन से योजनाएं संचालित की जा रही है और उन योजनाओं के लक्ष्य क्या तय किए गए? साथ ही विभागों को योजनाओं से संबंधित उपलब्धियां भी बतानी होंगी, जैसे हितग्राही मूलक योजना लाडली लक्ष्मी योजना से लाभ लेने वालों की संख्या कितनी है? और योजना से किस तरह लाभ पहुंचा. मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के सहयोग से चल रही योजनाओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी वित्त विभाग ने मांगी है.
नई योजनाओं की देनी होगी जानकारी
प्रदेश में अलग-अलग विभागों द्वारा कई नई योजनाएं भी शुरू की जा रही हैं. विभागों को इन नई योजनाओं की तमाम तथ्यात्मक जानकारी भेजनी होगी. इसके अलावा गौ-वंश संवर्धन व संरक्षण, गौ-चर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने किस तरह के कदम उठाए गए, कितनी सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जन स्वास्थ्य, कुटीर व ग्रामोद्योगों के विकास और संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए गए इसकी जानकारी देनी होगी. साथ ही बताना होगा कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए.
मध्य प्रदेश में कितने रोजगार हुए पैदा
मध्यप्रदेश में अलग-अलग विभागों में भर्तियां की जा रही हैं. भर्ती अभियान के तहत प्रदेश में पिछले सालों और मौजूदा साल में किस पद और श्रेणी पर कितनी भर्तियां हुईं, इसकी जानकारी भी वित्त मंत्री विधायकों को देंगे. इसके लिए सभी विभागों से रोजगार सृजन के लिए किए गए प्रयासों का तथ्यात्मक विवरण और सरकारी नियुक्तियों की वेतनमान, पद और श्रेणी के हिसाब से जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं. कुल मिलाकर आगामी बजट से पहले मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति, जारी योजनाओं और उनसे जुड़े बजट की साफ तस्वीर सामने आने वाली है.
