तुलसी का पौधा हिंदू धर्म में सिर्फ पौधा नहीं बल्कि घर की सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. घर के आंगन में हरी-भरी तुलसी न केवल वातावरण को शुद्ध करती है बल्कि इसे देवी लक्ष्मी का रूप भी माना जाता है. अकसर देखा जाता है कि तुलसी के गमले की मिट्टी का रंग अचानक बदलने लगता है. कभी वह भूरी से लाल हो जाती है, तो कभी पीली. विज्ञान की नजर से इसे मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या जलवायु का असर माना जा सकता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे और गहरा महत्व दिया गया है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि तुलसी की मिट्टी का रंग बदलना घर की ऊर्जा और वहां रहने वाले लोगों की कुंडली के ग्रहों से जुड़ा संकेत है. लाल या पीली मिट्टी आने वाली परेशानियों और ग्रहों की अशुभ स्थिति की चेतावनी होती है. यदि इसे नजरअंदाज किया जाए तो यह कलह, आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की तरफ इशारा कर सकता है. इस आर्टिकल में हम भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से जानेंगे तुलसी के गमले की मिट्टी के रंग और उनके ग्रहों से जुड़े प्रभाव को विस्तार से समझेंगे. आइए जानते हैं कि लाल, पीली मिट्टी और बुध ग्रह के संबंध में क्या संदेश छिपा है और इसे सही तरीके से कैसे समझा जा सकता है.
मिट्टी का लाल होना: मंगल ग्रह की सक्रियता या अशुभता
अगर तुलसी के गमले की मिट्टी अचानक लाल दिखाई देने लगे तो ज्योतिष के अनुसार यह मंगल ग्रह के प्रभाव का संकेत है. मंगल को अग्नि और क्रोध का कारक माना जाता है. जब यह ग्रह अशुभ स्थिति में होता है, तो घर में कलह-क्लेश बढ़ सकता है. लाल मिट्टी यह संकेत देती है कि घर के किसी सदस्य को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा यह ‘पितृ दोष’ या ‘भूमि दोष’ की ओर भी इशारा कर सकती है. ऐसे समय में प्रॉपर्टी के मामलों में विवाद या किसी तरह की अनबन बढ़ने की संभावना रहती है. लाल मिट्टी वाले गमले को रोज़ाना साफ रखना और तुलसी की नियमित पूजा करना इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है.
मिट्टी का पीला होना: बृहस्पति की कमजोरी
पीली मिट्टी का संबंध गुरु ग्रह से माना जाता है. बृहस्पति घर में सुख, सौभाग्य और ज्ञान लेकर आता है. अगर मिट्टी पीली हो रही है, तो यह संकेत है कि घर की बरकत रुक सकती है. शुभ कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं और घर के सदस्यों का भाग्य अनुकूल नहीं चल रहा होगा. ज्योतिष अनुसार, पीली मिट्टी आर्थिक तंगी, आध्यात्मिक ऊर्जा में कमी और नकारात्मकता के प्रवेश का संदेश देती है. इस समय घर में दान-पुण्य, पूजा और धार्मिक कार्यों पर ध्यान देना चाहिए. तुलसी के गमले को साफ रखना, नियमित जल देना और आसपास सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है.
बुध ग्रह और तुलसी का संबंध
ज्योतिष में तुलसी का पौधा बुध ग्रह से जुड़ा होता है. बुध हरियाली, बुद्धि और चतुराई का प्रतीक है. जब घर पर मंगल या शनि की अशुभ दृष्टि पड़ती है, तो तुलसी के पौधे पर इसका असर सबसे पहले दिखाई देता है.
मिट्टी का रंग बदलना और पत्तियों का पीली होकर गिरना व्यापार, करियर या मानसिक स्थिति पर भी असर डाल सकता है. यह संकेत है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा कम हो रही है और निर्णय लेने में बाधा आ सकती है. इस समय तुलसी की नियमित पूजा और ध्यान करना नकारात्मक प्रभावों को कम करता है.
मिट्टी का रंग बदलने पर ध्यान देने योग्य उपाय
1. गमले की सफाई –मिट्टी को हफ्ते में एक बार हल्की पानी से धोएं और पुराने पत्तों को हटाएं.
2. सकारात्मक ऊर्जा –तुलसी के पास अगर कोई छोटा दीपक या मसाला रखा जाए तो नकारात्मक ऊर्जा कम होती है.
3. पौधे की देखभाल –पौधे को पर्याप्त पानी और हल्की धूप दें.
4. ज्योतिषीय उपाय –लाल मिट्टी होने पर मंगलवार और पीली मिट्टी होने पर गुरुवार को तुलसी की विशेष पूजा करें.
