नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुंसाधन केंद्र इसरो का पीएसएलवी रॉकेट मिशन तकनीकी खराबी के कारण असफल हो गया, लेकिन स्पेन की निजी कंपनी का छोटा स्पेस कैप्सूल सुरक्षित रह गया और इस कैप्सूल से जमीन पर सिग्नल मिल रहा है। यह कैप्सूल, जो कि केआईडी कहा जाता है, रॉकेट फेल होने के बावजूद करीब 190 सेकंड तक उड़ान का डेटा भेजने में सफल रहा। इस विशेष रूप से धरती के वातावरण में फिर प्रवेश के परीक्षण के लिए बनाया गया था।
बात दें कि पीएसएलवी-सी62 ने सुबह 10:18 बजे श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी थी। रॉकेट में भारत का उपग्रह अन्वेषा और कुल 15 सैटलाइट के साथ स्पेन का यह कैप्सूल शामिल था। हालांकि, रॉकेट के तीसरे चरण में तकनीकी खराबी के कारण उपग्रह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सके और खो गए। नष्ट हुए उपग्रहों में डीआरडीओ का अन्वेषा उपग्रह था, जो करीब 500 किलोमीटर दूर से सैन्य गतिविधियों और छलावरण को निगरानी करने में सक्षम है। इसके अलावा भारत का पहला इन-ऑर्बिट ईंधन भरने वाला उपग्रह, आयुलसैट, और आपातकालीन संचार तथा आपदा प्रबंधन के लिए डिज़ाइन किया गया एक छोटा एलईओ उपग्रह, सीजीयूसैट भी शामिल थे। पृथ्वी अवलोकन के लिए थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से एक उपग्रह बनाया था। मई 2025 में किया गया पिछला पीएसएलवी मिशन (सी61-ईओएस-09) भी मोटर दबाव की समस्या के कारण असफल हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि इसरो को घटना का डेटा इकट्ठा करने, विश्लेषण करने और सुधारात्मक कदम तय करने में समय लगेगा। आधिकारिक निष्कर्ष आने वाले दिनों में जारी होने की उम्मीद है।
इसरो का मिशन फेल, लेकिन जिंदा बच निकला छोटू कैप्सूल, भेज रहा सिग्नल
