Rampur News : उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पाकिस्तान की नागरिकता रखने वाली एक महिला सरकारी नौकरी करते हुए पकड़ी गई है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच के बाद महिला को पहले निलंबित किया और फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया। महिला की असली पहचान माहिरा बताई जा रही है, लेकिन वह फरजाना नाम से सरकारी नौकरी कर रही थी। अब पुलिस ने फरजाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि महिला मूल रूप से भारतीय थी, लेकिन अगस्त 1979 में निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई थी। वहां जाकर उसने पाकिस्तानी नागरिकता ग्रहण कर ली। बाद में पति से तलाक होने के बाद वह भारत लौट आई। इस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाते हुए अपना नाम माहिरा से बदलकर फरजाना कर लिया। Rampur News में सामने आए इस मामले ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस और विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि महिला पाकिस्तान से अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ रामपुर लौटी थी। वर्ष 1985 में उसने रामपुर निवासी सिद्दीक हसन खां से दोबारा निकाह कर लिया। भारत में रहने के लिए उसने दीर्घकालिक वीजा (LTV) हासिल किया था। नियमों के अनुसार, एलटीवी पर रह रहे विदेशी नागरिक किसी भी सरकारी सेवा के पात्र नहीं होते।
इसके बावजूद महिला ने अपनी पाकिस्तानी नागरिकता की जानकारी छिपाई और दस्तावेजों में गलत विवरण देकर सरकारी अधिकारियों को गुमराह किया। इसी धोखाधड़ी के आधार पर उसने सरकारी नौकरी हासिल कर ली। Rampur News के इस मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।
