इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण लगातार हो रही मौत के बाद अधिकारियों की नाकामी उजागर होने के बाद राज्य शासन ने पूर्व में तीन अधिकारियों को निलंबित और सेवा से हटाने के बाद शुक्रवार को फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है. जिसके तहत नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटा दिया गया है. इसके साथ ही अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है.
नगर निगम कमिश्नर हटाए गए, अपर आयुक्त सस्पेंड
इंदौर में मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ने से परेशान राज्य सरकार ने इस मामले में कठोर फैसला लेते हुए नगर निगम के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को इंदौर से हटा दिया है. 30 दिसंबर को इस मामले में मुख्यमंत्री ने जो जांच समिति गठित की थी.
इसके बाद भी भागीरथपुरा के हालात नहीं संभले तो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर फैसला लेते हुए अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को भी निलंबित कर इंदौर से हटाने के साथ अन्य स्थानों से 3 अपर आयुक्त इंदौर में पदस्थ करने के आदेश दिए थे. इसी दौरान राज्य सरकार पर इस मामले के जिम्मेदार बताए जा रहे पीएचई के अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया है.
3 अधिकारी पहले हो चुके हैं सस्पेंड
उसकी रिपोर्ट पर भागीरथपुरा मामले में जोनल अधिकारी शालिग्राम सितोले, सहायक यंत्री योगेश जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. इसके अलावा पीएचई के प्रभारी सब इंजीनियर शुभम श्रीवास्तव की सेवाएं समाप्त कर दी थीं.
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जब इंदौर में आयोजित बैठक के दौरान वर्तमान हालातो में काम करना मुश्किल बताया तो आखिरकार मुख्यमंत्री ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को हटाने के निर्देश दिए. इसके अलावा पीएचई के अधीक्षण यंत्री के खिलाफ संभाग आयुक्त के प्रस्ताव पर राज्य शासन ने संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया है. नगर निगम के 6 से ज्यादा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. जिसमें 3 अधिकारी निलंबित किए गए हैं जबकि एक की सेवा समाप्ति की गई है.
