FIR नहीं तो इलाज नहीं! KGMU के डॉक्टर-कर्मचारियों का बड़ा ऐलान

लखनऊ |लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMU) में यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉ.रमीज के मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जांच एजेंसियां डॉ.रमीज के अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगाल रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ केजीएमयू में यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस के बीच खींचतान जारी है। केजीएमयू के डॉक्टर और कर्मचारी अपर्णा यादव समर्थकों पर एफआईआर न दर्ज होने से भड़के हुए हैं। उन्होंने मंगलवार से हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। केजीएमयू के चीफ प्रॉक्टर डॉ.आरएएस कुशवाहा ने पिछले दिनों हुए हंगामे के बाद चौक कोतवाली में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थकों के खिलाफ लिखित तहरीर दी थी। केजीएमयू में हुए घटनाक्रम को देखते हुए सोमवार शाम कुलपति डॉक्टर सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने वाली हैं। वहीं अपर्णा यादव ने भी केजीएमयू प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यौन उत्पीड़न की शिकार रेजिडेंट डॉक्टर को बरगलाया गया। पीड़िता से कहा कि महिला आयोग में शिकायत मत करो। विशाखा कमेटी मामले की जांच कर रही है।आरोप है कि अपर्णा यादव समर्थकों ने केजीएमयू परिसर में अमर्यादित व्यवहार किया और काम में बाधा डाली। डॉक्टरों-कर्मचारियों का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया है। सोमवार को केजीएमयू के शिक्षकों के साथ ही सभी पांचों संगठनों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नौ जनवरी को कुलपति कार्यालय पर हंगामा-बवाल होने के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर न होना निराशाजनक है। यदि वास्तव में डॉक्टर-कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो केजीएमयू में मंगलवार से इलाज और बाकी सामान्य कार्य प्रभावित रहेगा।अपर्णा यादव समर्थकों पर KGMU बवाल में एक्शन नहीं, मेडिकल स्टाफ में आक्रोश

क्या कहना है पुलिस का

इस मामले में पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

क्या हुआ था नौ जनवरी को

बीते नौ जनवरी को केजीएमयू में महिला डॉक्टर से यौनशोषण और धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज उर्फ रमीजउद्दीन की गिरफ्तारी की मांग पर मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ था। उधर, केजीएमयू में अराजकता फैलाने के आरोप में घिरी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को ही देर शाम तलब किया था।

अपर्णा ने कहा, केजीएमयू ने आयोग में शिकायत से रोका

उधर, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केजीएमयू प्रशासन ने यौन उत्पीड़न की शिकार रेजिडेंट डॉक्टर को बरगलाया। पीड़िता से कहा कि महिला आयोग में शिकायत मत करो। विशाखा कमेटी जांच कर रही है।

सीएम योगी ने अपर्णा यादव को तलब किया, केजीएमयू में हुई घटना पर मुख्यमंत्री गंभीर

रविवार को केजीएमयू में पत्रकारों से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा कि वह केजीएमयू कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद से मुलाकात कर प्रेसवार्ता करने आई थीं, लेकिन कुलपति ने मुलाकात से इनकार कर दिया। कुलपति कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया। करीब दस मिनट तक वीसी ऑफिस के दरवाजे को वह खोलने के लिए कहती रहीं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया।

जांच के नाम पर लीपापोती का आरोप

अपर्णा ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केजीएमयू प्रशासन ने लीपापोती की। विभाग के शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं की। पीड़िता ने विभाग में पीड़ा बताई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन आत्महत्या के प्रयास जैसा कदम उठाया। आरोपी रेजिडेंट को भागने का मौका दिया गया।