नए साल में राजस्थान कांग्रेस को मिला टास्क

जयपुर । बीते दिसंबर माह अरावली के मुद्दे पर प्रदेश में सडक़ों पर धरने-प्रदर्शन कर चुकी कांग्रेस अब नए साल में भी मुखरता से धरने-प्रदर्शन करेगी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के मुद्दे पर कांग्रेस को मोदी सरकार और भाजपा के खिलाफ सडक़ों पर उतरने के निर्देश दिए है 5 जनवरी से इन धरने-प्रदर्शनों की शुरुआत होगी, जोकि 30 जनवरी तक चलेंगे।
मनरेगा के नाम बदलने और कई अन्य बदलावों को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है और अब इसी कड़ी में सभी राज्यों में धरने-प्रदर्शनों को लेकर सर्कुलर जारी कर दिया गया है राजस्थान में भी 5 जनवरी से कांग्रेस सडक़ों पर उतरेगी और इसके लिए रोड मैप भी तैयार कर लिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि मनरेगा के मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पूरे जनवरी माह धरने-प्रदर्शन करेगी, जो प्रदेश, जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर पर आयोजित होंगे. उन्होंने कहा कि इसका रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है कि कहां पर कितने और किस तरह से आंदोलन किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में इस पर खास फोकस रखा जाएगा. ग्रामीण इलाकों में जन जागरण अभियान चलाए जाएंगे, क्योंकि मनरेगा में ग्रामीण इलाकों के लोगों को ही रोजगार मिलता रहा है और अब उनका रोजगार छीना जा रहा है. पहले प्रदेश स्तर पर धरना आयोजित होगा, उसके बाद जिलों में धरने-प्रदर्शन आयोजित होंगे। पीसीसी अध्यक्ष का कहना है कि मनरेगा के नाम बदलने और उसमें कई प्रकार के संशोधन किए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी धरना-प्रदर्शन करेगी. हालांकि प्रदेश स्तर पर धरने-प्रदर्शन की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन 10 जनवरी के बाद प्रदेश स्तर पर धरना-प्रदर्शन आयोजित होगा. उसके बाद सभी जिलों में जिला मुख्यालय पर धरने आयोजित किए जाएंगे. उसके बाद मंडल, बूथ और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन होंगे, जिसमें राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं करने और जो बदलाव केंद्र सरकार ने किए हैं उन्हें वापस लेने की मांग की जाएगी।