दरी पर बैठकर कलेक्टर और SP ने सुनीं केन-बेतवा से प्रभावित लोगों की परेशानी, ग्रामीणों ने खुलकर सुनाई आपबीती

छतरपुर: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना के कार्य ने गति पकड़ ली है, बुंदेलखंड के विकास के लिए यह योजना वरदान साबित होने की संभावना है. जो बुंदेलखंड के विकास का केंद्र बनेगा. यहां ढोड़न बांध बनेगा, जिससे 3 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 688 गांवों को फायदा मिलेगा. जिससे कृषि और जल स्तर में सुधार होगा, मुआवजा का कार्य भी अंतिम चरण में है. अब तक 700 करोड़ रुपए का मुआवजा सरकार बांट चुकी है, वहीं बुधवार को कलेक्टर और एसपी ने गांव के लोगों से मिलकर उनके साथ बैठक की और समस्या के समाधान का आश्वासन दिया.

जल, कृषि और रोजगार के नए युग में प्रवेश की तैयारी

छतरपुर की किस्मत अब बदलने जा रही है, केन-बेतवा लिंक परियोजना के पहले चरण में छतरपुर को प्रदेश में सबसे बड़ा लाभार्थी जिला माना जा रहा है. जिले की 10 तहसीलों के कुल 688 ग्रामों में फैली लगभग 3 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने वाली है जिसको लेकर तेजी से कार्य चल रहा है. इस योजना ने किसानों और ग्रामीण इलाकों में नई उम्मीद जगा दी है. जल संकट, सूखे और पलायन से जूझ रहा छतरपुर अब जल, कृषि और रोजगार के नए युग में प्रवेश करने की तैयारी में है.

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे एसपी और कलेक्टर

छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल और एसपी अगम जैन ने बुधवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्राम ढोड़न और डुगरिया में जन चौपाल लगाकर मुआवजा पैकेज के वितरण की जानकारी ली. जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच आम आदमी की तरह दरी पर बैठकर समस्या सुनी और योजना को लेकर जानकारी दी.

समस्याओं के लिए टास्क फोर्स का गठन

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बताया कि "लोगों की समस्याओं और मांगों के निराकरण के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो लगातार ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर समस्याओं का नियमानुसार निराकरण करेगी. विस्थापन का दर्द एवं संक्रमण की पीड़ा अत्यंत आहतकारी होती है, लेकिन इस घड़ी में पूरा प्रशासन ग्रामवासियों के साथ खड़ा है. ग्रामीणों की विशेष मांग पर संवेदना के तहत सभी लोग जो 18 साल से अधिक उम्र के हैं या छोटे हैं उनके मुआवजे के लिए पुनः परीक्षण कराया जाएगा."

90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मिल चुकी है मुआवजा राशि

उन्होंने आगे बताया कि "90 प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुआवजा राशि का वितरण हो चुका है. ऐसे परिवार अन्य स्थानों के लिए प्रस्थान करें और गांव खाली करें. जिन लोगों के भुगतान के बिल फेल हुए हैं उनका परीक्षण फिर से कराया जा रहा है. उनके खातों में पैसा भेजा जाएगा."

ग्रामीणों को भूमि के स्वामित्व का पट्टा मिलेगा

ग्रामीणों ने गांव के देवी देवताओं की पूरी रीति रिवाज, विधि विधान एवं धर्म के साथ अन्य स्थान पर स्थापना करने की मांग की है. इसपर कलेक्टर ने तत्काल निर्देश दिए है. वहीं ग्रामीण जिस ग्राम की आबादी भूमि में निवास बनाएंगे, उनको वहां के नियमानुसार आबादी भूमि के स्वामित्व का पट्टा दिया जाएगा. इस दौरान एडीएम मिलिंद नागदेवे, एएसपी आदित्य पटेल, एसडीएम विजय द्विवेदी, तहसीलदार बिजावर अभिनव शर्मा, तहसीलदार सटई आदित्य सोनकिया, जनपद सीईओ अंजना नागर सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे.

 

 

जब कलेक्टर पार्थ जैसवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि "अब तक 700 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है. 500 हजार लोग प्रभावित होंगे, 13 गांव खाली होंगे, अभी 2 गांव के लोगो के साथ बैठक की गई है जो नियम अनुसार उनकी शर्ते पूरी की. कन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत प्रभावित ग्राम ढोड़न और डुगरिया में जन चौपाल लगाकर समस्या सुनी गई है."