भागीरथपुरा में बढ़ सकती है मृतकों की संख्या! सरकारी आंकड़ा 6, ICU में 13 मरीज

इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित और जहरीले पानी के संक्रमण से अब तक जहां 16 मौतों का दावा किया जा रहा है. वहीं मृतकों का प्रशानिक आंकड़ा बढ़कर 6 हो गया है. जबकि अभी भी 13 मरीज आईसीयू में हैं, जिसमें से दो को वेंटिलेटर पर रखा गया है. ऐसी आशंका है कि आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. वहीं स्वास्थ्य विभाग ने हेल्पालाइन नंबर भी जारी किया है. जो 24 घंटे तक उपलब्ध रहेगा.

149 मरीज एक्टिव, 2 वेंटिलेटर पर

भागीरथपुरा में दूषित पानी से बैक्टीरियल इंफेक्शन इतना घातक है कि अभी भी यहां लगातार मरीज लगातार सामने आ रहे हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि " शनिवार को 17 मरीजों को अस्पताल में रेफर किया गया. जबकि अस्पताल में 350 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं. लगातार मरीजों के मिलने के कारण भागीरथपुरा क्षेत्र के कुल 5079 घरों का सर्वे किया गया. जिसमें 25395 लोगों की अब तक जांच की जा चुकी है. उन्होंने बताया 205 मरीज डिस्चार्ज हुए, लेकिन अस्पतालों में फिर भी 149 एक्टिव मरीज हैं. जिनमें से दो मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है."

इलाज के बाद भी मरीज का फॉलोअप

डॉक्टर हासानी ने बताया कि तमाम मरीज और उनके ट्रीटमेंट का अलग से रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है. इसके अलावा भागीरथपुरा में मौजूद लगभग 5 हजार इफेक्टड घरों का प्रशासन द्वारा सर्वे किया जा रहा है. इन घरों में ओरएस के स्पेशल पैकेज (जिसमें जिंक की टैबलेट, और क्लोरीवेट ड्रॉप) है, उसे वितरित किया जा रहा है. जिससे उन्हें जहरीले दुष्प्रभाव से बचाया जा सके. सर्वे में कोई भी पीड़ित मिलता है, तो उनकी पूरी जानकारी रखी जाएगी. इसके साथ ही जो भी मरीज डिस्चार्ज हुए हैं, उनसे भी संपर्क रखा जाएगा. जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर को जारी किया गया है.

मृतकों का प्रशासनिक आंकड़ा हुआ 6

इसके साथ ही डॉक्टर ने सलाह देते हुए कहा है कि सब्जियां, फल धोकर खाएं, पानी उबाल कर पीएं, हाथों को बार-बार धोएं और साफ-सफाई रखें. डॉक्टर माधव ने मृतकों की संख्या को लेकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 6 लोगों की मौत का आंकड़ा जारी किया गया है. जिनसे संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद हैं. इसके अलावा जो भी मृत्यु के आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनका भी परीक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा है. प्रोफेसर और क्षेत्रीय संचालक के मार्गदशन में टीम बनाई गई है, जो इसकी जांच कर रही है.

 

 

सरकार ने झोंके तमाम स्वास्थ्य संसाधन

कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 05 एंबुलेंस लगाई गई है. 24×7 यानि 7 दिन और 24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है. मरीजों को एमवाय अस्पताल, अरविंदों अस्पताल व बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. जो मरीज निजी अस्पताल में जा रहे हैं, वहां पर भी निःशुल्क इलाज, जांच और दवाईयां उपलब्ध कराई जा रही है. सुविधा के लिए अन्य जिलों से एपिडिमियोलॉजिस्ट बुलाए गए हैं.

शिशुरोग विशेषज्ञ, औषधि विशेषज्ञ व चिकित्सा अधिकारी भी अन्य जिलों सेवाएं देने इंदौर आए हैं. उन्होंने बताया मरीज के लिए अलग से कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. जहां उल्टी-दस्त के मरीज पाए जाने की सूचना दी जा सकती है. जिसका हेल्पलाइन नं. 940-650-5508 रहेगा, यह सुविधा 24×7 उपलब्ध रहेगी.