लखनऊ। यूपी की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत नोटिस बंटने शुरू हो गए हैं । नोटिस जारी होने के न्यूनतम सात दिन बाद सुनवाई की तिथि रखी जाएगी। इसके लिए साफ्टवेयर में डाटा फीड करने के साथ ही जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। एसआइआर के तहत 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से रिकार्ड नहीं मिल पाए हैं।मैपिंग न हो पाने के कारण इन मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा। फिर सात दिन का समय सुनवाई को दिया जाएगा । नोटिस दो पेज का होगा। पहले पेज पर नोटिस का विवरण होगा जबकि दूसरे पेज पर 13 प्रमाण पत्रों की सूची होगी जिसे मतदाता को सुनवाई के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के पास प्रस्तुत करना होगा।
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आज से लखनऊ के 5 लाख वोटरों को भेजे जाएंगे नोटिस
शनिवार से ईआरओ यानी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अफसरों की ओर से उन मतदाताओं को नोटिस मिलना शुरू होगा जिनकी मैपिंग नहीं हुई है। ऐसे मतदाताओं की संख्या 5.52 लाख के करीब है। नोटिस का जवाब सात दिनों में देना होगा। जवाब में 13 दस्तावेजों का विकल्प है, जिनमें से कोई एक घोषणा पत्र के साथ बीएलओ को सौपना होगा। बीएलओ नोटिस लेकर संबंधित मतदाता के घर पहुंचेंगे। जिनका विवरण 2003 की वोटर लिस्ट से नहीं मिला उनको नोटिस भेजा जा रहा है।
आगरा में तीन लाख को नोटिस, बीएलओ को नहीं मिले
आगरा के सवा तीन लाख लोगों को सात जनवरी से नोटिस भेजे जाने थे, लेकिन अभी तक बीएलओ को नोटिस ही नहीं मिले हैं। शुक्रवार को डाटा लॉक करने का काम हुआ है। उसके बाद ईआरओ उससे प्रिंट निकालेंगे और सुनवाई की जगह तय करें। शनिवार या रविवार से नोटिज भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत अनमैपिंग वाले वोटरों के यहां नोटिस छह जनवरी से भेजे जाने थे। इसके लिए एक माह का समय तय किया गया है। शुक्रवार को सारा डाटा लॉक कर दिया गया है। अब डाटा लॉक होने के बाद ईआरओ द्वारा नोटिस के प्रिंट निकालकर बीएलओ को दिए जाएंगे। बीएलओ नोटिस के इन प्रिंट को निकालकर उनको भरवाने के लिए सवा तीन लाख वोटरों के घर-घर जाएंगे। वोटर उनको भरने के बाद दिए गए 13 विकल्पों में से एक प्रमाण पत्र को जमा करेगा। इसी को लेकर शुक्रवार को सभी ईआरओ और एईआरओ को नोटिस के संबंध में जानकारी दी गई।एडीएम सिटी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि अब लगभग पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। सभी ईआरओ और एईआरओ को समझा दिया गया है। नोटिस को बीएलओ के माध्यम से घर-घर भिजवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये सभी सवा तीन लाख वोटर वह हैं जो अन मैपिंग में रह गए थे। अब इनके द्वारा नोटिस का जवाब देने के बाद उस पर ईआरओ द्वारा सुनवाई कर उसको अंतिम रूप दिया जाएगा। ईआरओ कहां बैठकर सुनवाई करेंगे। ये भी शनिवार तक तय हो जाएगा।
