इस साल वसंत पंचमी पर नहीं होंगे विवाह-गृह प्रवेश, शुभ मुहूर्त पर रोक

हिंदू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार, एक संवत में कुछ अबूझ मुहूर्त आते हैं, जिन पर पंडित से बिना पूछे ही मांगलिक कार्य कर सकते हैं. इन अबूझ मुहूर्त पर मांगलिक कार्य विवाह संस्कार, नूतन गृह प्रवेश, नींव पूजा या धार्मिक यात्रा की शुरुआत करने पर कोई दोष नहीं लगता है. यह तिथियां स्वयं सिद्ध और इतनी पवित्र होती हैं कि इनका हर एक पल शुभ होता है.

संवत में अक्षय तृतीया, दशहरा, फुलेरा दूज, शिवरात्रि, वसंत पंचमी आदि ऐसी तिथियां होती हैं, जो खुद में पवित्र और सिद्ध होती हैं. इन तिथियां पर पंचांग से मुहूर्त निकालने की जरूरत नहीं होती है. साल 2026 के पहले महीने जनवरी में वसंत पंचमी का आगमन हो रहा है, जो एक अबूझ मुहूर्त है. इस अबूझ मुहूर्त पर कोई भी मांगलिक कार्य करने पर दोष लगेगा, जो उपाय करने के बाद भी दूर नहीं होगा.
बेहद शुभ और सिद्ध योग
इसकी ज्यादा जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं जो बेहद ही शुभ और सिद्ध होती हैं. इन तिथियों को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है. साल में अक्षय तृतीया, फुलेरा दूज, दशहरा, शिवरात्रि, वसंत पंचमी आदि तिथियों पर कोई भी मांगलिक कार्य बिना पंडित से पूछे किया जा सकता है. इन तिथियों पर किया गया मांगलिक कार्य बेहद शुभ होता है.

वह बताते हैं कि हिंदू धर्म में मांगलिक कार्य जैसे विवाह संस्कार, नूतन गृह प्रवेश, नीव पूजा, बड़ी धार्मिक यात्रा, बड़े धार्मिक अनुष्ठान आदि में गुरु बृहस्पति ग्रह, शुक्र ग्रह के अस्त और उदय का विचार किया जाता है. यदि यह कार्य अबूझ मुहूर्त पर किया जाए, तो उनका फल अक्षय प्राप्त होता है. संयोग से साल 2026 में वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त पर शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होगा.
ऐसे होगी विशेष फल की प्राप्ति
वह आगे बताते हैं कि अबूझ मुहूर्त वसंत पंचमी 23 जनवरी की होगी और शुक्र ग्रह 12 दिसंबर को अस्त हो गए थे, जो 31 जनवरी तक इसी अवस्था में रहेंगे. शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण वसंत पंचमी पर कोई भी मांगलिक कार्य, जैसे विवाह संस्कार, नूतन गृह प्रवेश, बड़े धार्मिक अनुष्ठान, बड़े धार्मिक पूजा, धार्मिक यात्रा आदि करने पर दोष लगेगा. इस दिन भगवान की आराधना, पूजा पाठ, व्रत आदि करने पर कई गुना शुभ फल प्राप्त होगा और जीवन में चल रही सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी. इस दिन भगवान शिव के स्त्रोत शिव तांडव, रुद्राष्टक, पशुपत्येष्टक, शिव महिमा आदि को करने पर विशेष फल की प्राप्ति होगी.