जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है. इसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और तुलसी पीठाधीश्वर जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज समेत तमाम लोग शामिल हुए. वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस का आयोजन मानस भवन में किया गया है. ये कॉन्फ्रेंस 2 से 4 जनवरी तक चलेगी।
‘भारत का स्वरूप बनाए रखने के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी’
जबलपुर के मानस सभवन में आयोजित वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में 12 देशों के शोधकर्ता शामिल हुए. इस मौके पर कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने संबोधित किया. उन्होंने कहा, ‘भारत का स्वरूप बनाए रखने के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी है. भगवान राम और कृष्ण को आदर्श बनाने की जरूरत है. भगवान राम के जीवन से हर सवाल का उत्तर मिल जाता है. भविष्य के लिए तैयार करने की नजर केवल सन्त की हो सकती है. हमारा देश संतों पर गर्व करता है. भगवान राम ने बिना सुविधाओं के ही संसार जीत लिया. राम ने अपने जीवन से सबको गले लगाना सिखाया. राम राज्य को याद कर लो, सब मिल जाएगा. वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस के लिए सबको धन्यवाद देता हूं. जबलपुर भाग्यशाली नगर है. यहां के काले पत्थर भी संगमरमर के बन जाते हैं।
‘सनातनी परंपरा को खत्म नहीं होने देंगे’
वहीं कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए. उन्होंने कहा, ‘संतों ने भारतीय संस्कृति को सनातनी बनाने की कोशिश की है. संतों में सनातनी परंपरा को खत्म नही होने दिया. भारत को भारत बनाए रखने के लिए रामचरितमानस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. तुलसीबाबा ने सनातन के प्रवाह को सुरक्षित रखने का काम किया है. तुलसी बाबा के महाकाव्य ने प्रमुख भूमिका निभाई है. वैचारिक प्रदूषण के माहौल में रामायण कॉन्फ्रेंस बेहद जरूरी है. राम के चरित को जीवन मे उतरने की आवश्यकता है. रामायण को ग्रंथ से बाहर निकालकर जीवन मे उतराना है. ये वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस जबलपुर के बाहर भी होना चाहिए।
