लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में हुई घटना को गंभीरता से लिया है। हंगामा करने और अराजकता फैलाने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को तलब किया। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उनसे मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के बारे में जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद मुख्यमंत्री ने महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान को भी बुलाया। मुख्यमंत्री ने बबिता चौहान से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। सूत्रों का दावा है कि इसके बाद विवि प्रशासन ने अपर्णा के खिलाफ तहरीर दी है। धर्मान्तरण के प्रयास और केजीएमयू ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के मामले को लेकर हिन्दूवादी संगठनों और उपद्रवियों ने शुक्रवार को केजीएमयू में तीन घंटे तक बवाल काटा था।
अपर्णा यादव के साथ पहुंचे लोगों का वीसी दफ्तर पर कब्जा
अपर्णा यादव के साथ पहुंचे लोगों ने कुलपति कार्यालय पर कब्जा कर लिया। प्रति कुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चैयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को बंधक बना लिया। हंगामा, तोड़फोड़ को देख कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद पीछे के गेट से निकल गईं। उपद्रवियों ने कुलपति चैंबर के बाहर बैठे कर्मचारियों को खदेड़ दिया।करीब तीन घंटे तक कुलपति कार्यालय में बवाल चलता रहा। इस दौरान केजीएमयू के वरिष्ठ अधिकारियों ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने की कोशिश लेकिन उनकी किसी ने एक न सुनी। करीब तीन घंटे उपद्रव चला। उधर, बवाल बढ़ता देख केजीएमयू के छात्र, कर्मचारी और डॉक्टर भी गोलबंद हो गए। प्रशासन ने समझाकर उन्हें रोका। केजीएमयू प्रशासन ने चौक कोतवाली में हंगामा, तोड़फोड़ करने वाले लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
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राज्य महिला आयोग में केजीएमयू के दो मामले
राज्य महिला आयोग में केजीएमयू के दो मामले हैं। पहल ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग का दूसरा पैथोलॉजी विभाग में रेजिडेंट के यौन शोषण व धर्मान्तरण प्रयास का। ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के मसले की सुनवाई के लिए दो डॉक्टरों को बुलाया गया था। उसके बाद राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को प्रेसवार्ता करनी थी।अचानक प्रेसवार्ता का स्थान राज्य महिला आयोग के बजाय केजीएमयू कर दिया गया। इस दौरान केजीएमयू में करीब 12 बजे से हिन्दूवादी संगठनों के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते करीब 200 लोगों की भीड़ पहुंच गई। इस दौरान कुछ उपद्रवी आ धमके। जैसे ही राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव की गाड़ी सायरन बजाते हुए कुलपति कार्यालय पहुंची, लोग उत्तेजित हो गए।
जय श्रीराम के नारे लगे
बड़ी संख्या में भगवाधारी व युवाओं ने उपद्रव शुरू कर दिया। अपर्णा यादव के साथ उपद्रवियों ने कुलपति कार्यालय में दाखिल होने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस पर भीड़ में शामिल लोग भड़क गए। भीड़ ने जबरन कार्यालय में दाखिल होने की कोशिश की सुरक्षाकर्मी व अधिकारियों ने रोकने का प्रयास किया। उपद्रवियों ने दरवाजे और खिड़कियों में पैर से जोर-जोर से धक्के मारे। जिससे उसकी सिटकनी टूट गई। इसके बाद कार्यालय के अंदर घुसे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान गमला टूट गया।सुरक्षाकर्मियों की कुर्सी और मेज फर्श पर पटक दी। धक्का-मुक्की करते हुए उपद्रवी कुलपति कार्यालय में दाखिल हो गए। चैम्बर के बाहर खड़े कर्मचारियों को धक्का देकर भगा दिया। इस दौरान कुलपति फैकल्टी के प्रोन्नति संबंधी इंटरव्यू पैनल में शामिल थीं। इसमें देश भर से विशेषज्ञ भी आए थे। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद हंगामे को देखते हुए पीछे के गेट से चुपचाप निकल गईं। जय श्रीराम के नारे लगाते हुए लोग कुलपति के चैम्बर में घुस गए।
प्रतिकुलपति व विशाखा कमेटी चैयरमैन को बंधक बनाया
कुलपति चैंबर का कंप्यूटर और लैपटॉप गिर गया। लोग सोफे पर चढ़कर कूद रहे थे। प्रतिकुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को कुलपति कार्यालय में थी। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बंधक बना लिया। दोनों डॉक्टरों ने अपर्णा यादव से वार्ता की कोशिश की लेकिन हंगामा और बवाल के मद्देनजर कोई बातचीत नहीं हो सकी। करीब एक घंटे बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, ट्रॉमा सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह, भास्कर अग्रवाल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा समेत अन्य दोनों महिला डॉक्टरों को उपद्रवियों के चुंगल से सुरक्षित छुड़ाने में कामयाब रहे।
मेडिकल छात्रों को गोपनीय दरवाजे से सुरक्षित निकाला
कुलपति कार्यालय में रिसर्च सेल है। भवन में मेडिकल छात्रों की क्लास चल रही थी। हंगामा और बवाल के मद्देनजर अधिकारियों ने मेडिकल छात्रों को पीछे के गेट से बाहर निकाला। डरे-सहमे मेडिकल छात्र किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले।
